प्रगति की झलक

निगम का उद्देश्य एवं स्थापना:-

बिहार पुलिस के लिए भवनों /आवासन की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1974 में बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की स्थापना की गई। तब से लेकर अब तक की अवधि में निगम को कई प्रतिकूल परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा। एक समय यह बन्द किये गये जाने वाले निगमों की सूची में था, परन्तु अप्रैल 2007 में सरकार द्वारा पुलिस निर्माण निगम को बंद होने वाले निगमों की सूची से हटाकर पुनर्जीवित किया गया। वर्तमान सरकार द्वारा पुलिस निगम को प्रोत्साहित करते हुए इसके माध्यम से निर्माण हेतु प्रयाप्त संसाधन एवं राशि उपलब्ध करायी गयी। बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम यह सुनिश्चित कर रहा है कि जो भी भवन निर्माण कराया जाये, वह भवन भूकम्प रोधी एवं ग्रीन बिल्डिंग के तर्ज पर है।

बिहार पुलिस एकेडमी, राजगीर:-

बिहार झारखण्ड बंटवारा के उपरांत बिहार में पुलिस अकादमी की आवश्यकता जनित हुई। माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के Dream Project के रूप में बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के निर्माण कार्य का सुअवसर बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम को प्राप्त हुआ। दिनांक- 3 दिसम्बर, 2018 को माननीय मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा इसका उद्घाटन किया गया। इसकी लागत लगभग 332.73 करोड़ रू0 है।

बिहार पुलिस अकादमी, जो ग्रीन बिल्डिंगस के रूप में बिहार के प्रथम भवनों में से एक है, की निम्नांकित विशेषताएँ है:-

  आंतरिक सुविधायें:- सुसज्जित कक्षायें, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, परामर्श कक्ष, कम्प्युटर कक्षायें, ऑडिटोरियम एवं कॉन्फ्रेंस हॉल।

  बाह्य सुविधायें:- स्वीमिंग पूल, घुड़सवारी प्रशिक्षण केन्द्र, अस्पताल, जिम, आदर्श थाना, बड़ा पैरेड ग्राउन्ड एवं विभिन्न खेलों के मैदान इत्यादि।

  आवासीय एवं अन्य सुविधायें:- पुलिस उपाधीक्षक, उप-निरीक्षक तथा प्रशिक्षुओं के आवास के साथ-साथ निदेशक, बिहार पुलिस एकेडमी तथा अन्य पदाधिकारियों के आवास एवं भोजनालय। अतिथि प्रशिक्षकों तथा अन्य अतिथियों हेतु एक सुन्दर अतिथि गृह तथा मेस भी निर्मित है। सभी भवनो के लिए सज्जा एवं उपस्कर की आपूर्ति की गई है।

इसमें दिनांक- 03-12-2018 से प्रशिक्षण प्रारंभ कर अबतक लगभग 2035 नवनियुक्त एस0आई0 तथा पुलिस उपाधीक्षक (पुरूष एवं महिला) को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिसमें लगभग 663 महिला प्रशिक्षु सम्मिलित हैं।

बिहार प्रशासनिक सुधारात्मक संस्थान, हाजीपुर (कारा निरीक्षणालय) (Bihar Institute Of Correctional Administration, Hajipur):-

बिहार प्रशासनिक सुधारात्मक संस्थान, हाजीपुर में भवन सहित पूरे प्रांगण का निर्माण कारा निरीक्षणालय के लिए निगम द्वारा किया गया है। इस प्रांगण में मुख्य रूप से प्रशासकीय भवन है, जिसमें कांफ्रेंस हॉल, क्लास रूम, प्रयोगशाला, लाईब्रेरी तथा कम्प्यूटर रूम आदि का प्रावधान है। निदेशक आवास, वरीय पदाधिकारियों का आवास, अतिथिशाला, कनीय पदाधिकारियों का आवास एवं प्रशिक्षुओं के लिए आवासन की व्यवस्था के लिए भवनों का निर्माण किया गया है। वर्णित सभी भवनो के लिए सज्जा एवं उपस्कर की आपूर्ति की गई है।

इस पूरे प्रांगण में पहुँच पथ, Land Scaped Garden, Solar Energy की व्यवस्था, Bio Gas Plant की व्यवस्था, Water bodies आदि का निर्माण, Green Building के अवयवों के साथ किया गया है।

पुलिस भवनों का संधारण एवं मरम्मति कार्यः--

वर्ष 2010 से बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम को बिहार सरकार द्वारा पुलिस भवन के संधारण एवं मरम्मति का कार्य की जिम्मेवारी दी गई है। पुलिस महानिदेशक, बिहार की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा प्रतिवर्ष मरम्मति हेतु प्राथमिकता सूची की स्वीकृति दी जाती है। प्राथमिकता सूची के अनुसार प्रत्येक वित्तीय वर्ष में मरम्मति एवं संधारण का कार्य इस मद में उपलब्ध राशि से निगम द्वारा कराया जाता है।

अन्य विभागों के कार्यः-

निगम द्वारा कारा निरीक्षणालय के साथ-साथ गृह रक्षा वाहिनी, अग्निशमन सेवा, सैनिक कल्याण निदेशालय, नागरिक सुरक्षा पर्षद, केन्द्रीय सशस़्त्र पुलिस बल, विज्ञान एवं प्रावैधिक विभाग तथा कल्याण विभाग के लिए नये भवनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

निगम की विशेषताएँ:-

  आन्तरिक आर्किटेक्ट इंजिनियरिंग,

  आन्तरिक स्ट्रक्चरल इंजिनियरिंग,

  आन्तरिक जाँच प्रयोगशाला,

  भूकम्परोधी प्रावधानो का समन्वय

  4 स्टार रेटिंग के साथ ग्रीन कैम्पस के आधार पर बिहार पुलिस एकेडमी, राजगीर एवं बिहार कारा प्रशिक्षण सुधार केन्द्र के कार्य कृत हैं।

  Environmental clearance के साथ बि0वि0स0पु0-12 भीमनगर, एवं MPTC डुमराँव के कार्य कृत है।

  आंतरिक Architechtural Engineering, Structural Engineering एवं जाँच प्रयोगशाला के कारण निगम कार्य व्यय की करोड़ों रूपये की राशि प्रति वर्ष बचाते हुए गुणवत्तापूर्वक कार्य संपादित कराता है।

महिला थाना/महिला पुलिस कर्मियों हेतु निर्माण कार्य (पूर्ण किये गये कार्य):-

  महिला पुलिस बलों के लिए सामर्थ्य विकास एवं संरचना विकास के लिए रेल पुलिस में कार्यरत महिला सिपाहियों के आवासन हेतु सात स्थानों पर Single room-cum barrack का निर्माण कार्य।

  12 जिलों में महिला पुलिस थाना का निर्माण कार्य।

  107 थानों में महिला सिपाहियों के लिए 5 सीटेड शौचालय सह स्नानागार का निर्माण कार्य।

  51 पुलिस लाईन/ बि0वि0स0पु0 में महिला सिपाहियों के लिए 20 सीटेड शौचालय सह स्नानागार का निर्माण कार्य।

  655 स्थानों पर महिला पुलिस कर्मियों के लिए 2 सीटेड शौचालय सह स्नानागार एवं 2 सीटेड स्नानागार का निर्माण कार्य।

  बि0वि0स0पु0-04 बक्सर, बि0वि0स0पु0-13 दरभंगा एवं बि0वि0स0पु0 9 जमालपुर में प्रशासनिक भवन, 400 प्रशि़क्षु सिपाही क्लास रुम, 1000 सिपाहियों का बैरक का विधुतीकरण कार्य सहित निर्माण कार्य।

योजना का कार्यान्वयन:-

योजना हेतु चयनित स्थल का मिट्टी जाँच के पश्चात् मिट्टी जाँच प्रतिवेदन के अनुरूप संबंधित भूकम्प जोन के लिए भूकम्प रोधी प्रावधानों को तथा ग्रीन बिल्डिंग के अवयवों को सम्मिलित करते हुए संरचना, निरूपण एवं नक्शा (Good for Construction) तैयार किया जाता है एवं नक्शे के अनुरूप प्राक्कलन गठित कर निविदा आमंत्रित किये जाते हैं। 10.00 लाख से उपर के सभी प्रकार के कार्यो लिए E-tendering के माध्यम से निविदा आमंत्रित किये जाते हैं। निविदा का निष्पादन सरकार द्वारा गठित मोनेटरिंग समिति द्वारा किये जाने के उपरान्त संवेदकों द्वारा एकरारनामा कर कार्य प्रारम्भ एवं पूरा किया जाता है।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए:-

  यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि एकरारनामा किये जाने के साथ-साथ सभी को "Good for Construction" नक्शे उपलब्ध करा दिये जाय ताकि कार्य का तकनीकी आधार सुनिश्चित रहे।

  यह सुनिश्चित किया जाता है कि उत्कृष्ट गुणवत्ता के निर्माण सामग्रियों से ही कार्य कराये जायें।

  निर्माण कार्य के मुख्य स्तरों पर वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी हो।

  आधुनिक संचार माध्यम के प्रयोग से गुणवत्ता पर ऑन साईट नियंत्रण।

  व्यवहृत सामग्रियों के नमूनों की जाँच।

  वरीय पदाधिकारियों के द्वारा समय-समय पर कार्यों का निरीक्षण।

  निगम मुख्यालय में अभियन्ताओं के प्रशिक्षण हेतु कार्यशालाओं का आयोजन।

  कार्यरत संवेदकों के साथ प्रमण्डलीय/मुख्यालय स्तर पर कार्यशाला का आयोजन।

  कार्य प्रगति की समयबद्ध समीक्षा।

  सभी जिला/प्रमण्डल स्तरीय पुलिस पदाधिकारियों को कार्य विवरणी प्रगति प्रतिवेदन समर्पित किया जाता है ताकि उचित पर्यवेक्षण/सहयोग/मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

कल्याणकारी पहलः-

  पुलिस निगम द्वारा अपने अर्जित आय से वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2020-21 तक 33.40 करोड़ रूपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गयी है।

  Social Corporate Responsibility के तहत वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2020-21 तक निगम अपने अर्जित आय से 2.17 करोड़ रूपये की राशि विभिन्न संस्थानों को दी गई है।

  निगम द्वारा अपने सभी पदाधिकारियों/कर्मचारियों के लिए एक नई योजना दिनांक- 01-04-2015 से लागू की गयी है, जिसके तहत किसी भी पदाधिकारी/कर्मचारी की कार्य अवधि में मृत्यृ के उपरान्त उनके आश्रित को रू0 10.00 लाख निगम द्वारा भुगतान किया जाता है।

  निगम द्वारा सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों तथा परिवार के सदस्यों के लिए Cashless Medical Insurance की योजना लागू की गयी है।